खाने के तंबाकू से बनी चाय
जैन विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नहटौर में शिक्षण कार्य का मेरा डेढ़ वर्ष मेरे जीवन के कई रोचक अनुभव समेटे है। इस शहर में काफी संपन्न लोग रहते हैं ।कुछ तो बहुत ऊंची जगह पर तैनात हैं। एक ऐसे ही परिवार का लड़का कॉलेज में इंटर में पढ़ता था। लड़के और उसके परिवार के बारे में ज्यादा तो याद नहीं ,किंतु यह बताते थे कि उस लड़के के पिता लखनऊ राज्यपाल निवास में किसी ऊंचे पद पर थे। एक दिन इस परिवार में कॉलेज के पढ़ने वाले छात्र का जन्मदिन था। उसने कॉलेज के सारे स्टाफ को शाम चार बजे नाश्ते पर आमंत्रित किया। हम सब उसके घर गए। नाश्ता बहुत अच्छा था ।बहुत करीने से मेज पर नाश्ता सजाया गया था। नाश्ते की व्यवस्था एक भव्य हाल में थी । हाल और उसकी सजावट के देखकर लगता था कि परिवार पुराने रईसों का है ।हम लोगों ने आराम से नाश्ता किया। नाश्ते के साथ चाय थी ।चाय पीते समय लगा कि इसमें खाने का तंबाकू मिला है। क्योंकि बड़े लोगों के यहां दावत थी और परिवार के सदस्य हाल में मौजूद होकर नाश्ता कर रहे थे , अतः चाय पीने वाले हम सब सोचते रहे कि बड़े लो...